ट्रिगर्स (उत्तेजक कारक) को समझना

कभी-कभी जुआ हमें एक “रैबिट होल” की तरह खींच लेता है; यह उत्तेजना, रोज़मर्रा की आदत और अपनी भावनाओं से बचने का मिश्रण हो सकता है। ट्रिगर्स वे विचार, भावनाएँ, परिस्थितियाँ या आदतें हैं जो आपको जुआ खेलने की संभावना बढ़ाती हैं।
अच्छी खबर यह है: एक बार जब आप अपने ट्रिगर्स को पहचान लेते हैं, तो आप ऐसे तरीके और रणनीतियाँ चुन सकते हैं जो इस चक्र को तोड़ने में मदद करें।

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सामान्य जुआ ट्रिगर्स

  • भावनाएँ : तनाव, ऊब, अकेलापन, निराशा, या कभी-कभी जश्न।
  • परिस्थितियाँ : भुगतान मिलने पर, जुए के विज्ञापन देखने पर, कुछ विशेष जगहों पर जाने पर, खेल आयोजनों में, या उन लोगों के साथ समय बिताने पर जो जुआ खेलते हैं।
  • विचार : “ मैंने जो खोया है, उसे वापस जीत लूँगा,” “यह सिर्फ़ थोड़ा  मज़ा है,” या “मैं इसका हकदार हूँ।”
  • रोज़मर्रा की आदतें: नियमित सट्टेबाज़ी, पसंदीदा खेल , या आदत के कारण जुआ ऐप्स पर स्क्रॉल करना।

अपने ट्रिगर्स (उत्तेजनाओं) को कैसे पहचानें

  • अपनी जुए की इच्छा पर नज़र रखें – जब आपको जुआ खेलने की इच्छा हुई, उससे पहले क्या हो रहा था (समय, जगह, भावनाएँ) यह नोट करें।
  • पैटर्न पहचानें – क्या कुछ खास दिन, मनोदशाएँ या परिस्थितियाँ हैं जो आपको उकसाती हैं?
  • अपने साथ ईमानदार रहें – अपने ट्रिगर्स को पहचानना खुद को दोष देना नहीं है, बल्कि यह खुद को अलग और बेहतर चुनाव करने की शक्ति देना है।
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अगले कदम

जागरूकता को कार्रवाई में बदलना

एक बार जब आप अपने ट्रिगर्स को पहचान लेते हैं, तो आप उन्हें संभालने या उनसे बचने के लिए कदम उठा सकते हैं जैसे अपनी दिनचर्या में बदलाव करके जोखिम भरी परिस्थितियों से दूर रहना, या ऐसी वैकल्पिक गतिविधियाँ ढूँढना जो आपको वही उत्साह या सुकून दें।